श्री पुष्कर गौतम आश्रम

श्री पुष्कर गौतम आश्रम ट्रस्ट समिति, पुष्कर(अजमेर) आपका हार्दिक स्वागत करता है |

श्री पुष्कर गौतम आश्रम में कमरों की दरें देखने के लिए निचे दिए गए बटन पर क्लिक करे
श्री पुष्कर गौतम आश्रम ट्रस्ट समिति, पुष्कर(अजमेर)

प्रबंध कारिणी समिति सूचि

तीर्थराज पुष्कर

पुष्कर का विस्तृत रुप से वर्णन पद्मपुराण में मिलता है पद्मपुराण के अनुसार ब्रह्मा जी ने यज्ञ करने का विचार किया। यज्ञ की भूमि चयन के लिए कमल के पुष्प को पृथ्वी पर गिराया गया। कमल का पुष्प सम्पूर्ण पृथ्वी का भ्रमण करते हुए जहाँ पर आज पुष्कर है वहां पर गिरा….

श्री पुष्कर गौतम आश्रम की विशेषताएँ

श्री पुष्कर गौतम आश्रम की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार है :-
Rooms

2 Bedroom, 3 Bedroom, 4 Bedroom, 6 Bedroom

Open Garden

We have very large space open garden for marriage and family functions.

Halls

We have very large space halls for family functions.

Parking

We have very large space parking available for our guests.

2 Bed Room

Normal

3 Bed Room

Cooler , AC

4 Bed Room

A.C.

6 Bed Room

A.C.
श्री पुष्कर गौतम आश्रम

क्यों ?

पुष्कर पुराना बस स्टैंड

850 Meter

पुष्कर नया बस स्टैंड

300 Meter

अजमेर जंक्शन

13.9 kilometre

कृतज्ञ (Testimonial)

जाने हमारे अतिथि हमारे बारे में क्या सुझाव देते है :-

हमारे अतिथियों द्वारा श्री पुष्कर गौतम आश्रम के बारे में कही गयी कुछ पंक्तिया
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Indra Devi
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Good mantend
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Dileep Kumar Tiwari
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Best place for stay in puskar

महर्षि गौतम धर्म ग्रन्थालय

प्राचीन शास्त्रों में न्याय दर्शन का महत्वपूर्ण स्थान हैं। जिसे प्राचीन समय में न्याय सूत्र के नाम से जाना जाता था। न्याय दर्शन की ज्ञान परम्परा, आचार्य परम्परा एवं ग्रन्थ परम्परा का लिखित इतिहास कम से कम 2200 वर्षों का मिलता हैं । महर्षि गौतम ने सर्वप्रथम न्याय दर्शन के वैदिक तत्वों को सूत्र बध्द करते हुए न्याय सूत्रम् की रचना की। न्याय दर्शन को समझने के लिए अनेक विद्वानों ने भाष्य किये जो अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं। भाष्यकारों ने न्याय दर्शन के हजारों ग्रन्थों की रचना की एवं न्याय दर्शन के सम्प्रदाय को विकसित किया। वर्तमान में लगभग 500 न्याय दर्शन के ग्रन्थ मिलते हैं। जिनके पृष्ठों की संख्या 10 लाख हैं। हमारा उद्देश्य न्याय दर्शन के ग्रन्थों का संकलन कर समाज के लोगों तक पहुँचाना है।